छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बसंतपुर गांव में किशन साहू नामक 26 वर्षीय युवक की सगाई दो दिन बाद तय थी। तभी शुरू हुआ यह हनी-ट्रैप मामला—धोखाधड़ी और शातिर ब्लैकमेल की गहरी साजिश।
योजना और फंसाने का तरीका
शुरुआत सोशल मीडिया—व्हाट्सऐप पर लड़की बनकर बातचीत से हुई। फिर उसे खेत में बुलाया गया, जहाँ किशन को आश्वासन दिया गया कि वह उससे व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहती है।
जब किशन खेत पहुँचा, तब उसे पहले से छुपे दो युवक (Аbhay सूर्यवंशी सहित) मिले, जिन्होंने युवक और युवती के बीच आपत्तिजनक दृश्यों का वीडियो बना लिया।
ब्लैकमेल और फिरौती
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद यह साजिशकर्ता किशन और उसके पिता को ब्लैकमेल करने लगे—वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी देते हुए ₹17 लाख की मांग की गई।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्परता दिखाई—दो आरोपियों आयशा बेगम और अभय सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। लेकिन गिरोह के मास्टरमाइंड दीपक रात्रे अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने मौके से दो स्कूटी और एक मोटरसाइकिल जब्त की, और साइबर सेल से इस गिरोह की संरचना की जांच प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
