रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें राज्य के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा, विधायी कार्य और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश किया जाएगा।
यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्षी कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है। धान खरीदी, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, प्रशासनिक कार्यशैली और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर कांग्रेस विधायक मंत्रियों से तीखे सवाल पूछेंगे। सदन में हंगामे और तीखी बहस के आसार पहले से ही नजर आने लगे हैं।
वहीं सत्ताधारी दल इस बजट सत्र को विकासोन्मुखी एजेंडे के तौर पर पेश करने की तैयारी में है। सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। बजट के जरिए आम जनता को राहत देने वाले फैसलों और नई योजनाओं की भी उम्मीद की जा रही है।
कुल मिलाकर यह बजट सत्र न केवल आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति की दिशा भी निर्धारित करने वाला साबित हो सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट के बीच विधानसभा का यह सत्र पूरे प्रदेश की नजरों का केंद्र बना रहेगा।
