राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जबकि अधूरी परियोजनाओं को 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही, पेयजल उपलब्धता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और काम में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
