छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। शुरुआत में उनके पास खेल के लिए जरूरी जूते भी नहीं थे, इसलिए उन्होंने उधार के जूतों से राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेली और पदक जीता।
मैच से पहले उनके पिता दीपक यादव ने उन्हें संघर्ष के दिनों को याद रखने और पूरी मेहनत से खेलने की सीख दी थी। पिता ने बेटी के सपने पूरे करने के लिए वर्षों तक ओवरटाइम किया और हर संभव सहयोग दिया। ज्ञानेश्वरी की मेहनत, परिवार के त्याग और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनकी सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
