समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर राज्य सरकार अवैध धान परिवहन के खिलाफ लगातार कड़ा रुख अपना रही है। इसी अभियान के तहत मार्कफेड ने 1 से 16 नवंबर के बीच राज्य के अलग-अलग सीमावर्ती जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 19,320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया। यह इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए सभी सीमाओं पर हाई-अलर्ट जारी किया है। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकपोस्ट, टास्कफोर्स और मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है।
शनिवार को मार्कफेड के कंट्रोल सिस्टम से मिले अलर्ट के बाद कोंडागांव जिले की टीम ने 600 बैग में रखे 231.5 क्विंटल धान जब्त किए। वहीं, त्रिशूली गांव में भी एक व्यक्ति के घर के बाहर बने शेड से 222 कट्टा धान बरामद हुआ।
खाद्य विभाग का कहना है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाहरी राज्यों से धान की अवैध आवक के कारण खरीदी केंद्रों पर भीड़ और वास्तविक किसानों को नुकसान की संभावना बनी रहती है। विभाग ने स्पष्ट किया कि सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
जिन जिलों में सबसे ज्यादा अवैध धान पकड़ा गया, उनमें महासमुंद (4266 क्विंटल), बलरामपुर (4139 क्विंटल), सूरजपुर (1750 क्विंटल) प्रमुख रहे। इसके अलावा रायगढ़, जशपुर, जीपीएम, कोंडागांव, सारंगढ़ और राजनांदगांव में भी जब्ती की कार्रवाई की गई।सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहतअवैध धान परिवहन पर 24×7 निगरानीसीमाओं पर विशेष टास्कफोर्सअलर्ट आधारित कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सक्रियजैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं।
