छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए बहुचर्चित 3 करोड़ रुपये की लूट और फायरिंग की घटना का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपियों को उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगने की सूचना है, जबकि सभी चार आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के एक कारोबारी से करीब तीन करोड़ रुपये का सोना और नकदी लूटकर आरोपी उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले थे। घटना के बाद से ही बिलासपुर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पीछा करने के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित किया और संभावित ठिकानों की जानकारी साझा की।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के संकेतों को नजरअंदाज करते हुए आरोपी बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगे। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। हालात बिगड़ते देख चारों आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत और संयम के साथ की गई। घायल आरोपियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि लूट की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
यह कार्रवाई न सिर्फ बिलासपुर पुलिस की सतर्कता और तत्परता को दर्शाती है, बल्कि अंतरराज्यीय समन्वय की प्रभावशीलता का भी उदाहरण है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस लूटकांड से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा होगा।
