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October 24, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग विभागीय TET की मांग, टीचर्स एसोसिएशन ने DPI को सौंपा प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ टीईटी को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कार्यरत शिक्षकों के हित में बड़ा प्रस्ताव दिया है। एसोसिएशन ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित कराने का सुझाव दिया है, ताकि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके।

इस संबंध में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में अधिकारियों ने टीईटी देने वाले सहायक शिक्षकों की संख्या, बिना टीईटी वाले शिक्षकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और न्यायालय व शासन से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत जानकारी ली। साथ ही एसोसिएशन से विभागीय टीईटी परीक्षा को लेकर विस्तृत सुझाव देने को कहा गया।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि न्यायालय में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने का खतरा रहेगा। ऐसी स्थिति में कई शिक्षक सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसलिए विभागीय स्तर पर सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करना शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।

प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक और सेवा-अनुभव आधारित रखा जाए तथा न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत तय किया जाए, ताकि लंबे समय से कार्यरत अनुभवी शिक्षक प्रभावित न हों। इसके अलावा परीक्षा में आयु सीमा में छूट देने और सेवा अनुभव को वेटेज देने की भी मांग की गई है।

एसोसिएशन ने परीक्षा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और विभागीय स्तर पर ही संचालित करने का सुझाव दिया है। साथ ही प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए परीक्षा आयोजित करने की बात कही गई है।

एग्जाम पैटर्न को लेकर भी प्रस्ताव में कई सुझाव दिए गए हैं। इसके अनुसार परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) हो, जिसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों और परीक्षा की अवधि तीन घंटे निर्धारित की जाए। परीक्षा में पेपर-1 और पेपर-2 आयोजित करने तथा दोनों परीक्षाओं के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर रखने का सुझाव भी दिया गया है।

टीचर्स एसोसिएशन का मानना है कि विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित होने से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी और उनकी सेवा-सुरक्षा के साथ पदोन्नति के अवसर भी सुनिश्चित हो सकेंगे।

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