राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा के दौरान आयोजित मुरिया दरबार में ग्रामीण विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवादों को लेकर थाना-कचहरी जाने से समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। बेहतर है कि गांव में ही बातचीत से समस्याओं का समाधान किया जाए।
राष्ट्रपति ने मुरिया दरबार को आदिवासी समाज की मजबूत पारंपरिक व्यवस्था बताते हुए कहा कि इसे सम्मान देना और आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बस्तर की संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को सहेजने का संदेश भी दिया।
