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October 23, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

हरियाली की नई दास्तान: बस्तर में बढ़े जंगल, आदिवासी बने संरक्षक

बस्तर अब केवल संघर्ष और नक्सलवाद के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में बस्तर के वन क्षेत्र में आए उल्लेखनीय विस्तार की जानकारी देते हुए कहा, “यह आदिवासियों की भागीदारी और राज्य सरकार की मजबूत वन संरक्षण नीति का नतीजा है।”

वन क्षेत्र में हुआ इजाफा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में बस्तर में जंगलों का दायरा करीब 1.8% बढ़ा है। यह वह इलाका है, जो कभी खनन और वनों की अवैध कटाई के लिए चर्चा में था, लेकिन अब यहां की हरियाली पूरे देश को प्रेरणा दे रही है।

जंगल नहीं, जीवन है
यह सफलता केवल पेड़ों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें आदिवासी समुदाय की सक्रिय भागीदारी है, जिनकी पारंपरिक जीवनशैली सदियों से जंगलों के साथ जुड़ी रही है। अब सरकार ने भी उनकी इस समझ को मान्यता दी है। कई जगहों पर स्थानीय ग्राम सभाओं को जंगलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

सफल योजना: “हर पेड़, हर जन”
प्रदेश सरकार की “हर पेड़, हर जन” योजना के तहत ग्रामीणों को पेड़ लगाने और संरक्षित करने पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे न केवल हरियाली बढ़ी है, बल्कि आदिवासी युवाओं को रोज़गार भी मिला है।

CM का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “बस्तर के जंगल अब हमारी ताकत हैं। जंगलों की रक्षा केवल सरकार का नहीं, जनता का भी दायित्व है। जब आदिवासी और प्रशासन साथ चलेंगे, तो बस्तर हरे-भरे भविष्य की ओर बढ़ेगा।”

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