छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज को झकझोर दिया है। एक स्वयंभू बाबा, तरुण अग्रवाल, ने योग और अध्यात्म की आड़ में एक ऐसा काला साम्राज्य खड़ा कर लिया था जहां धर्म नहीं, बल्कि अय्याशी और अपराध का खेल खेला जा रहा था।
आश्रम नहीं, अय्याशी का अड्डा
पुलिस ने जब तरुण अग्रवाल के आश्रम पर छापा मारा, तो वहां से जो बरामद हुआ वह बेहद चौंकाने वाला था:
सेक्स टॉयज और उत्तेजक दवाइयां (वियाग्रा)
इंजेक्शन और अन्य नशीली वस्तुएं
सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड अश्लील वीडियो
शराब की बोतलें और प्रतिबंधित वस्तुएं
यह तथाकथित ‘आध्यात्मिक केंद्र’ असल में एक यौन शोषण और मानसिक नियंत्रण का अड्डा बन चुका था।
शिकार कैसे बनते थे युवा
तरुण अग्रवाल खुद को योग और ध्यान का विशेषज्ञ बताकर सोशल मीडिया पर आकर्षक प्रोफाइल चलाता था। वह खासतौर पर युवाओं, विशेषकर युवतियों को निशाना बनाता था। उन्हें ‘ऊर्जा साधना’, ‘चक्र जागरण’ जैसी क्लासेस में बुलाकर मानसिक रूप से प्रभावित करता था।
इसके बाद ‘गुरु सेवा’ के नाम पर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता, और कई बार उन पलों को रिकॉर्ड भी करता था, जिससे वे ब्लैकमेलिंग का शिकार बन सकें।
प्रॉपर्टी और लाइफस्टाइल
डोंगरगढ़ में आलीशान आश्रम (रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं)
गोवा, रायपुर और नागपुर में संपत्तियां
लक्जरी गाड़ियां, विदेशी दौरे और महंगी लाइफस्टाइल
कथित “डोनेशन” के नाम पर लाखों की ठगी
पुलिस की कार्रवाई और केस दर्ज
आश्रम को सील कर दिया गया है
बाबा तरुण अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया
लैपटॉप, मोबाइल और सीसीटीवी डेटा जब्त
यौन शोषण, धोखाधड़ी, ड्रग्स और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज
