नारायणपुर, 27 जून 2025| छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 25 जून 2025 की शाम शुरू हुई मुठभेड़ में दो इनामी महिला नक्सलियों, सीमा (5 लाख का इनाम) और लिंगे उर्फ रांझू (1 लाख का इनाम), को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन नारायणपुर और कोंडागांव की डीआरजी, एसटीएफ, और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने किया। मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल, .315 बोर राइफल, मेडिकल किट, गोला-बारूद और नक्सली सामग्री बरामद हुई। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि यह माड़ डिवीजन के नक्सली नेटवर्क पर बड़ा झटका है।
मुठभेड़ का विवरण: खुफिया सूचना पर कार्रवाई
सुरक्षाबलों को अबूझमाड़ के कोहकामेटा थाना क्षेत्र में माड़ डिवीजन के बड़े नक्सली कैडर की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर 25 जून को संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कुतुल के घने जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई, जो रात से गुरुवार सुबह तक चली। मुठभेड़ में दो वर्दीधारी महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि इस साल बस्तर में 197 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिसमें 2025 में अब तक कुल 214 नक्सली मारे गए हैं।

क्या-क्या बरामद हुआ?
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एक देशी बंदूक,
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IED विस्फोटक,
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नक्सली साहित्य, पिट्ठू बैग, वायर, और मेडिकल किट।
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मौके से खून के निशान भी मिले, जिससे संकेत है कि कुछ नक्सली घायल होकर भागे।
गृहमंत्री का संकल्प: बारिश में भी ऑपरेशन जारी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में छत्तीसगढ़ दौरे (22-23 जून 2025) के दौरान कहा था कि नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन मानसून में भी रुकेंगे नहीं। यह मुठभेड़ उसी रणनीति का हिस्सा है। शाह ने 2026 तक बस्तर को नक्सल-मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। अबूझमाड़, जो नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, में लगातार ऑपरेशन से नक्सली नेतृत्व कमजोर हुआ है। मई 2025 में माड़ डिवीजन के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के मारे जाने के बाद यह दूसरा बड़ा ऑपरेशन है।
स्थानीय प्रभाव और चुनौतियां
अबूझमाड़ का कठिन भूभाग और सीमित सरकारी पहुंच इसे नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनाता है। लेकिन डीआरजी, एसटीएफ, और आईटीबीपी की समन्वित कार्रवाइयों ने नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। स्थानीय आदिवासी समुदायों में नक्सलियों के प्रति समर्थन कम हो रहा है, क्योंकि सरकार विकास और शिक्षा पर जोर दे रही है। 2023 से 2025 तक 1440 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें कई महिला नक्सली थीं।
