April 17, 2026
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बागेश्वर धाम में फिर हादसा: धर्मशाला की दीवार ढही, एक की मौत, 11 घायल पांच दिन पहले टेंट गिरने से गई थी बुजुर्ग की जान, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

छतरपुर, मध्य प्रदेश | मंगलवार, 08 बागेश्वर धाम में एक के बाद एक हादसों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह धर्मशाला की एक दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबकर एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई, जब श्रद्धालु धर्मशाला में विश्राम कर रहे थे।स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को छतरपुर के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में दीवार की जर्जर हालत और हालिया बारिश को हादसे का कारण माना जा रहा ह

पांच दिन में दूसरा हादसा

यह बागेश्वर धाम में पांच दिन के भीतर दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले भारी बारिश के कारण एक टेंट गिरने से एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। लगातार हादसों ने धाम की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

श्रद्धालुओं में आक्रोश, सोशल मीडिया पर सवाल

एक्स पर श्रद्धालु और यूजर्स ने हादसे को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। @ShamoonSaifi3 ने इसे “प्रबंधन की घोर लापरवाही” करार दिया, तो @amitsoni_INC ने लिखा, “श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ क्यों?” @samajvadi123 ने आयोजकों से जवाबदेही की मांग की। हालांकि, ये पोस्ट व्यक्तिगत राय हैं और इनकी तथ्यात्मक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासन का बयान

जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम ने बताया कि धर्मशाला की संरचना की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने का आश्वासन दिया गया है।

आयोजकों की चुप्पी

बागेश्वर धाम के प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश के मौसम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए थे।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बागेश्वर धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। एक स्थानीय निवासी रमेश साहू ने कहा, “हर बार हादसा होता है, लेकिन सुधार के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं

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