भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेशाध्यक्ष रवि भगत की हालिया फेसबुक पोस्ट ने सरकार की विकास नीति पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में सरकार की प्राथमिकताओं, प्रशासन की उदासीनता और क्षेत्रीय असंतुलन को उजागर करते हुए लिखा—”गजब का एकतरफा विकास।”
रवि भगत का यह बयान कोई सामान्य प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि सत्ता पक्ष के ही एक युवा नेता की तीखी आलोचना मानी जा रही है। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, धार्मिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा पर चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि केवल कुछ खास शहरों और विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बाकी क्षेत्र अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब सरकार खुद को विकासोन्मुख बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। रवि भगत ने उदाहरण स्वरूप बिलासपुर और लैलूंगा क्षेत्रों का हवाला देते हुए बताया कि वहां के ग्रामीण लोग आज भी गड्ढों वाली सड़कों से परेशान हैं। किसानों को सिंचाई और बाजार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस पर मौन है।
रवि भगत की इस पोस्ट से भाजपा के अंदर ही खलबली मच गई है। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता माना है, वहीं विपक्ष इसे सच्चाई का बयान कह रहा है। यह मामला सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट का नहीं है, बल्कि यह बताता है कि जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच कितना बड़ा फासला है।
