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October 22, 2026
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चक्रधर समारोह के 5वें दिन नन्हें सितारों ने बिखेरी शास्त्रीय कला की चमक: रायगढ़-कोरबा, भिलाई-रायपुर के कलाकारों ने जीता दिल

रायगढ़: रायगढ़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 40वें चक्रधर समारोह के पांचवें दिन (31 अगस्त 2025) नन्हें कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और नृत्य की ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रायगढ़, कोरबा, भिलाई और रायपुर के युवा प्रतिभाओं ने कथक, भरतनाट्यम और शास्त्रीय गायन के जरिए मंच पर जादू बिखेरा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित इस आयोजन में स्थानीय और क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी कला से सभी का मन मोह लिया।

मंच पर युवा प्रतिभाओं का जलवा

पांचवें दिन का आयोजन रायगढ़ घराने की समृद्ध परंपरा और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम रहा। प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रहीं:

  • आद्या पाण्डेय (रायगढ़): भरतनाट्यम की उनकी प्रस्तुति में लय, भाव और नृत्य की बारीकियों का शानदार प्रदर्शन हुआ। उनकी मुद्राएं और तालबद्धता ने दर्शकों को आकर्षित किया।
  • शैल्वी सहगल (रायगढ़): कथक नृत्य में उनकी नाजुक और भावपूर्ण प्रस्तुति ने रायगढ़ घराने की ठुमरी की गहराई को उजागर किया।
  • एम.टी. मृन्मयी (रायगढ़): भरतनाट्यम में उनकी प्रस्तुति ने शास्त्रीय नृत्य की शालीनता और तकनीकी कौशल को दर्शाया।
  • डॉ. मेघा राव (रायपुर): शास्त्रीय गायन की उनकी मधुर प्रस्तुति ने मंच को सुरों से सराबोर कर दिया।
  • डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा (राजनांदगांव): कथक नृत्य में उनकी प्रस्तुति ने रायगढ़ घराने की परंपरा को जीवंत किया।
  • अश्विका साव (रायगढ़): कथक में उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने युवा प्रतिभा की चमक को सामने लाया।
  • अराध्या कुमारी सिंह (रायगढ़): शास्त्रीय संगीत में उनकी स्वर लहरियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
  • अन्विता विश्वकर्मा (रायपुर): शास्त्रीय नृत्य की उनकी प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध किया।

दर्शकों का उत्साह और तालियों की गूंज

रामलीला मैदान में हजारों दर्शकों की भीड़ ने इन प्रस्तुतियों पर जमकर तालियां बजाईं। खास तौर पर रायगढ़ घराने की ठुमरी और शास्त्रीय नृत्यों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। नन्हें सितारों की प्रस्तुतियों में परंपरा और नवाचार का ऐसा मेल दिखा कि हर उम्र के दर्शक झूम उठे। कोरबा, भिलाई और रायपुर के कलाकारों ने भी अपनी कला से मंच पर समां बांध दिया।

चक्रधर समारोह: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

चक्रधर समारोह, जो संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में आयोजित किया जाता है, रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यह आयोजन शास्त्रीय और लोक कलाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा कलाकारों को मंच प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल और जिला प्रशासन के सहयोग से 27 अगस्त से 5 सितंबर तक चलने वाले इस समारोह में 62 से अधिक इवेंट्स आयोजित हो रहे हैं, जिनमें नृत्य, गायन, वादन और कवि सम्मेलन शामिल हैं।

स्थानीय प्रशासन का योगदान

रायगढ़ के कलेक्टर ने कहा, “चक्रधर समारोह न केवल रायगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखता है, बल्कि यह युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी देता है। हम सभी से इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने की अपील करते हैं।”

समापन की ओर बढ़ता समारोह

समारोह के आगामी दिनों में और भी शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। 5 सितंबर को मशहूर गायक कैलाश खेर अपनी सुमधुर प्रस्तुति के साथ समारोह का समापन करेंगे। रायगढ़ की जनता और कला प्रेमियों में इस समापन समारोह को लेकर खासा उत्साह है।

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