छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदेश की कांग्रेस पार्टी ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। सरकार द्वारा ‘बिजली हाफ बिल योजना’ समाप्त करने और बिजली दरों में बढ़ोतरी के फैसले को कांग्रेस ने आम जनता के साथ अन्याय बताया है।
कांग्रेस का कहना है कि इस योजना से गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब इसे खत्म कर सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने 3 और 4 अक्टूबर को पूरे राज्य में विद्युत कार्यालयों का घेराव और तालाबंदी करने का ऐलान किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए सभी जिला और ब्लॉक कमेटियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। पार्टी का उद्देश्य है कि इस आंदोलन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाए ताकि जनता को फिर से राहत दी जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले जनता से सस्ते बिजली बिलों का वादा किया था, लेकिन अब उस पर अमल करने के बजाय जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
इस आंदोलन से राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे जनहित का मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार का कहना है कि दरों में बढ़ोतरी आवश्यक खर्चों और ऊर्जा नीतियों के अनुरूप की गई है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के इस आंदोलन का कितना जनसमर्थन मिलता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती
