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October 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रक्षा मंत्री से मुलाकात में सीएम विष्णुदेव साय ने रखी बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार और सेना भर्ती रैलियों की मांग

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रदेश के विकास और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, राज्य में रक्षा क्षेत्र के विकास, सेना भर्ती रैलियों के आयोजन तथा नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे विषयों पर रक्षा मंत्री के साथ विस्तृत संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट का विस्तार प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रक्षा मंत्री को अवगत कराया कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जो भूमि आवश्यक है, वह रक्षा मंत्रालय के अधीन है। इस भूमि को एयरपोर्ट विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से किया। साथ ही उन्होंने राज्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़े विकासात्मक कार्यों की शुरुआत करने की मांग भी रखी।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में सेना में भर्ती होने का अत्यधिक उत्साह और समर्पण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना प्रबल है। उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, ताकि युवाओं को अपने ही प्रदेश में देशसेवा का अवसर प्राप्त हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने सुझाव दिया कि जब भी रक्षा मंत्रालय नए नौसैनिक पोत या जहाज लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों और क्षेत्रों जैसे—इंद्रावती, महानदी, बस्तर आदि पर रखा जाए। इससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य की नई औद्योगिक नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस नीति के अंतर्गत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” विज़न के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के नए अवसर बढ़ेंगे, जिससे राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होगा।

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