Chhattisgarh High Court ने दिवाली की छुट्टियों के दौरान भी छात्रों के हित में एक ऐतिहासिक और अहम निर्णय लिया। न्यायमूर्ति अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने जीएनएम से बीएससी नर्सिंग में अपग्रेड हुए निजी कॉलेजों को बीएससी नर्सिंग काउंसिलिंग प्रक्रिया में तुरंत शामिल करने का आदेश सुनाया। कोर्ट ने कहा कि विभागीय त्रुटियों की वजह से छात्रों के भविष्य को प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता।
मेडिकल एजुकेशन विभाग ने कुछ समय पहले उन नर्सिंग कॉलेजों को काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया था जिन्होंने हाल ही में अपग्रेडेशन कराया था। इसके खिलाफ एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि कॉलेजों ने सभी जरूरी मान्यताएं और स्वीकृतियां प्राप्त कर ली हैं, फिर भी विभाग ने बिना उचित कारण के उन्हें बाहर रखा।
न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए विशेष रूप से छुट्टी के दिन सुनवाई की और विभाग को तुरंत इन कॉलेजों को काउंसिलिंग में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही आवेदन की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश भी जारी किया ताकि सभी पात्र छात्र आवेदन कर सकें।
इस निर्णय से पूरे राज्य के नर्सिंग कॉलेजों और छात्रों में हर्ष की लहर है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस फैसले से सैकड़ों छात्रों को बीएससी नर्सिंग में प्रवेश का अवसर मिलेगा। अब विभाग को कोर्ट के आदेश के अनुरूप संशोधित काउंसिलिंग प्रक्रिया तैयार करनी होगी ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
