छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हेरोइन सप्लाई से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस ने इस मामले में अहम सफलता हासिल की है। 34 ग्राम हेरोइन बरामदगी केस की जांच के दौरान पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर पंजाब के तरनतारन जिले से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी जिस गांव से पकड़ा गया, वह भारत-पाक सीमा से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका और मजबूत हो गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में नशीले पदार्थ भेजे जाते थे और वहां से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की जाती थी। पुलिस का मानना है कि इसी चैन के माध्यम से हेरोइन बिलासपुर तक पहुंच रही थी। इससे पहले 1 फरवरी को चकरभाठा थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 34 ग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस की जांच पंजाब तक पहुंची।
पूछताछ के दौरान यह जानकारी भी मिली कि आरोपी दूसरे राज्य से हेरोइन लाकर स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में बेचते थे। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर की तलाश तेज की और आखिरकार तरनतारन से उसे दबोच लिया। आरोपी की पहचान बलराम सिंह उर्फ बाला के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 63 वर्ष बताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस मुख्य सप्लायर को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर ला रही है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में इस अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी हुई है।
