छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में बकाया बिजली बिल की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए कंपनी ने विशेष वसूली अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों और कंपनी के संभागीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले शासकीय कार्यालयों में लंबित बिजली बिलों की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर विभागवार और कार्यालयवार बकाया राशि का पूरा ब्यौरा तैयार कर उसकी समीक्षा की जाए, ताकि बकाया वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली बिल के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि घरेलू और व्यावसायिक श्रेणी में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान समय में रबी फसल की सिंचाई के कारण कृषि पंपों के लिए बिजली की मांग बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर कैपेसिटर बैंक लगाने और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा अधिकारियों से कहा गया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए मैदानी अमले को पहले से ही तैयार रखा जाए। बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय रहते रखरखाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राजस्व के कार्यपालक निदेशक सहदेव ठाकुर, संचारण एवं संधारण के कार्यपालक निदेशक जे. एस. नेताम सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यपालक निदेशक और मुख्य अभियंता भी शामिल हुए। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
