धमतरी। छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता कानून लागू होने के बाद धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। जिले के करीब 40 चर्चों और पंजीकृत प्रार्थना सभा स्थलों में ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “प्रवेश केवल ईसाइयों के लिए है” तथा गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।
क्रिश्चियन फोरम का दावा है कि यह निर्णय प्रार्थना सभाओं के दौरान विवाद और बाहरी हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। वहीं फोरम ने यह भी कहा है कि धर्म परिवर्तन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन दिए गए, लेकिन कई मामलों में आवेदनों पर अपेक्षित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
चर्चों के बाहर लगाए गए इन बोर्डों के बाद जिले में धर्मांतरण और धार्मिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि धर्म स्वतंत्रता कानून लागू होने के बाद क्या धर्मांतरण की गतिविधियों में कमी आई है या धार्मिक संस्थाएं अब अधिक सतर्कता के साथ काम कर रही हैं। फिलहाल यह मुद्दा सामाजिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
