छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय और अन्य 17 मांगों को लेकर 21 सितंबर से ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। उनका कहना है कि सरकार से कई बार चर्चा और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो 23 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जा सकता है। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
