गरियाबंद जिला अस्पताल से लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर नर्स की गैरमौजूदगी में एक महिला गार्ड ने मरीज को इंजेक्शन लगाया। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार को फटकार लगाई।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने कहा- “अस्पतालों में यह क्या हो रहा है? अगर मरीज की जान चली जाती तो कौन जिम्मेदार होता?” सरकार से पूछा गया- “आप लोग कर क्या रहे हैं? स्वास्थ्य व्यवस्था को ऐसे ही छोड़ रखा है क्या?” गरियाबंद कलेक्टर को कोर्ट ने व्यक्तिगत हलफनामा और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 28 अगस्त 2025 को होगी।
घटना उस समय हुई जब एनआरएचएम के कर्मचारी हड़ताल पर थे। अस्पतालों में नर्सों की कमी है, इसी वजह से गार्ड जैसी अनट्रेंड स्टाफ पर जिम्मेदारी डाल दी गई। अस्पताल प्रशासन अब इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कह रहा है।
जनता की नाराजगी
स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि अस्पतालों की बदहाल स्थिति मरीजों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुकी है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो और स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
