छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रायपुर दौरा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद खास रहा। राज्य के गौरवमयी इतिहास और विकास यात्रा को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास, संस्कृति और जनता की मेहनत की सराहना की।
कार्यक्रम के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बीच पुरानी मित्रता की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे बहुत कम उदाहरण मिलते हैं, जहाँ कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री जैसे ऊँचे पद पर रहने के बाद भी एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह प्रदेश की सेवा करता है। उन्होंने कहा—
“क्रिकेट में जो कभी कप्तान होता है, उसे बाद में किसी और कप्तान के अंदर खेलना पड़ता है। लेकिन राजनीति में ऐसा दुर्लभ होता है कि जो कभी कप्तान रहा हो, वह किसी और कप्तान के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए कार्य करे। डॉ. रमन सिंह इसका सबसे सुंदर उदाहरण हैं।”
प्रधानमंत्री के इस कथन पर सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मोदी ने डॉ. रमन सिंह को “मित्र” कहकर संबोधित किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि रमन सिंह जैसे नेता छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में स्थिरता और सादगी की पहचान हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भी हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब प्रकृति के साथ संतुलन बना रहे।
भाषण समाप्त होने के बाद जब प्रधानमंत्री मंच से नीचे उतर रहे थे, तभी उनकी नज़र दर्शक दीर्घा में बैठीं डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह पर पड़ी। वह तुरंत उनके पास पहुँचे और स्नेहपूर्वक उनका हालचाल जाना। करीब 40 सेकंड तक दोनों के बीच बातचीत हुई। प्रधानमंत्री ने वीणा सिंह की तबीयत और परिवार का हाल पूछा। यह दृश्य देखकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने डॉ. रमन सिंह और वीणा सिंह को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी के इस सरल और मानवीय व्यवहार ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
पूरे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, मेहनतकश जनता और प्रगति की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले दो दशकों में विकास की नई कहानी लिखी है और आने वाले वर्षों में यह राज्य आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बनेगा।
प्रधानमंत्री के इस दौरे ने न केवल राजनीतिक संदेश दिया, बल्कि एक भावनात्मक संबंध को भी उजागर किया—एक नेता का अपने पुराने साथी के प्रति सम्मान, एक जनता का अपने प्रधानमंत्री के प्रति स्नेह, और एक प्रदेश का अपने विकास के प्रति विश्वास।
