भ्रष्टाचार भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की एक गंभीर समस्या है। इससे न केवल आम जनता को परेशानी होती है बल्कि शासन-प्रशासन की छवि भी धूमिल होती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) जैसी संस्थाएं लगातार सक्रिय हैं। खैरागढ़ में हाल ही में हुई एक कार्रवाई इसी का उदाहरण है।
घटना का विवरण
3 सितंबर 2025 को खैरागढ़ में एसीबी की टीम ने जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह मामला ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे की जमीन संबंधी कार्य से जुड़ा था। आरोपी पटवारी ने कार्य करवाने के एवज में पहले 10 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा 9 हजार रुपये में तय हुआ।
शिकायतकर्ता ने एसीबी को इस पूरे मामले की सूचना दी। तय योजना के अनुसार बुधवार को जब आरोपी ने अपने कार्यालय (बाजार के ऊपर स्थित) में 9 हजार रुपये लिए, तभी एसीबी की टीम ने उसे पकड़ लिया।
प्रभाव
इस घटना से पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। लोगों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम बताया। यह कार्रवाई आम नागरिकों में यह विश्वास जगाती है कि शिकायत करने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
