काठमांडू: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों ने संसद तक को आग के हवाले कर दिया और हिंसा की आग पूरे देश में फैल गई। इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार को भीड़ ने घर में जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे आंदोलन को और उग्र बना दिया।
पीएम ओली ने इस्तीफा दिया
लगातार बढ़ते दबाव और हिंसा के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा तब आया जब देशभर में गुस्सा अपने चरम पर था और 21 सांसदों ने भी विरोध में पद छोड़ दिए। ओली के हटने के बाद अब सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
राष्ट्रपति ने इस्तीफा ठुकराया
प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की मांग है कि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल भी पद छोड़ें। लेकिन राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को बातचीत के लिए बुलाया है और अपील की है कि देश को अराजकता से बचाने के लिए रास्ता बातचीत से ही निकाला जाए।

हिंसा का हाल
- अब तक 19 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
- सैकड़ों लोग घायल हैं, कई अस्पतालों में भर्ती।
- राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में फौज और अर्धसैनिक बलों की तैनाती।
- संसद भवन, गाड़ियों और सरकारी दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़।
- लगातार इंटरनेट बैन और सोशल मीडिया ब्लॉक रहने से जनता और गुस्सा हो गई।
प्रदर्शनकारियों की मांग
- केवल पीएम का इस्तीफा काफी नहीं है, राष्ट्रपति को भी जाना होगा।
- नई सरकार बने और चुनाव की तारीख तय हो।
- सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगाई गई रोक तुरंत हटे।
नेपाल में हालात अभी भी काबू में नहीं हैं। पीएम के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं। राष्ट्रपति ने भले ही संवाद की पहल की हो, लेकिन गुस्साई भीड़ उनकी बात मानने को तैयार नहीं दिख रही। अगर संकट जल्दी नहीं सुलझा, तो नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता और गहराने का खतरा है।
