नई दिल्ली/आइज़ोल | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मिजोरम की राजधानी आइज़ोल से दिल्ली तक चलने वाली पहली लंबी दूरी की ट्रेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने कहा कि “आज नॉर्थ ईस्ट न सिर्फ रेल मानचित्र से और मजबूती से जुड़ गया है बल्कि भारत की विकास यात्रा की फ्रंटलाइन में भी शामिल हो गया है। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत कड़ी है।”
ट्रेन रूट और दूरी
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नई ट्रेन कुल 2510 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
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यह ट्रेन मिजोरम के आइज़ोल से चलकर असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश से होते हुए दिल्ली पहुंचेगी।
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ट्रेन का सफर करीब 48 से 50 घंटे का होगा।
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रेलवे के अनुसार यह ट्रेन हफ्ते में एक बार चलेगी और धीरे-धीरे इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है।
ट्रेन के प्रमुख स्टॉपेज
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आइज़ोल (मिजोरम)
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बैराबी (मिजोरम-असम बॉर्डर)
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गुवाहाटी (असम)
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न्यू जलपाईगुड़ी (प. बंगाल)
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कटिहार (बिहार)
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पटना (बिहार)
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वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
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कानपुर (उत्तर प्रदेश)
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नई दिल्ली (टर्मिनस)
(यह संभावित स्टॉपेज लिस्ट है, )
ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं?
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यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसमें स्लीपर, एसी-3, एसी-2 और जनरल कोच लगाए गए हैं।
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सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया गया है।
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ट्रेन में बायो-टॉयलेट, चार्जिंग पॉइंट और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड भी होंगे।
पीएम मोदी ने क्या कहा
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 सालों में नॉर्थ ईस्ट को देश की मेनस्ट्रीम से जोड़ने का काम तेज हुआ है।
“पहले नॉर्थ ईस्ट को ‘डिस्टेंट इंडिया’ कहा जाता था, लेकिन अब यह ‘डायनामिक इंडिया’ बन रहा है। रेलवे, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी ने यहां की दूरी कम कर दी है और दिलों को जोड़ा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नई ट्रेन टूरिज्म, व्यापार और शिक्षा के नए रास्ते खोलेगी और मिजोरम के युवाओं को सीधे दिल्ली पहुंचने का अवसर देगी।
नॉर्थ ईस्ट में रेलवे का विस्तार
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2014 से पहले मिजोरम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाके रेलवे मानचित्र से कटे हुए थे।
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मोदी सरकार ने 10 साल में नॉर्थ ईस्ट में करीब 5,000 किमी नई रेल लाइन बिछाने का काम पूरा किया है।
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मिजोरम में यह पहली लंबी दूरी की ट्रेन सेवा है।
