छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों (SAGES Schools) में शैक्षणिक गुणवत्ता और निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में नोडल प्राचार्य नियुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में बेहतर समन्वय स्थापित करना और शिक्षा की गुणवत्ता को नए स्तर तक पहुंचाना है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में 751 सेजेस विद्यालय संचालित हैं। इन सभी विद्यालयों के बीच शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, निगरानी और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में एक सक्रिय, सक्षम और कर्मठ प्राचार्य को नोडल प्राचार्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा। नोडल प्राचार्य न केवल अकादमिक गतिविधियों की देखरेख करेंगे, बल्कि स्कूलों के परिणाम, शिक्षकों का प्रशिक्षण, संसाधनों का प्रबंधन और नई शिक्षण पद्धतियों को लागू करने पर भी नज़र रखेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले के सेजेस विद्यालयों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्राचार्य का चयन कर 15 अक्टूबर 2025 तक नोडल प्राचार्य की नियुक्ति करें। चयनित नोडल प्राचार्य का नाम, संस्था और संपर्क विवरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से स्कूलों के बीच संवाद बेहतर होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस कदम से सेजेस स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों में एकरूपता और मजबूती आए, जिससे छात्र-छात्राओं को और भी उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो सके।
