30 C
Raipur
October 22, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

कोरबा में सरकारी नियमों की उड़ाई धज्जियां, एसईसीएल ने बिना मंजूरी खड़ी कर दी 9 मंजिला इमारतें

कोरबा में सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए निर्माण कार्यों में की जा रही मनमानी अब खुलकर सामने आ गई है। यहां South Eastern Coalfields Limited (एसईसीएल) प्रबंधन ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 8 से 9 मंजिला ऊंचे 23 टावरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन इमारतों के लिए न तो वैधानिक रूप से संबंधित विभागों से नक्शा पास कराया गया और न ही नगर पालिका को निर्माण की कोई जानकारी दी गई।

अब तक जिले में शासन की ओर से केवल 5 मंजिला इमारतों के निर्माण की ही अनुमति दी जाती रही है। लेकिन इस बार एसईसीएल प्रबंधन ने नियमों की परवाह न करते हुए महा-नगरों की तर्ज पर ऊंचे टावर खड़े करने की तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि फ्लोर एरिया अनुपात तय किए बिना ही इन टावरों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इससे न केवल कंपनी की मनमानी उजागर हुई है, बल्कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही भी सामने आई है।

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और नगर निगम से कोई वैधानिक अनुमति न होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहना सवालों के घेरे में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अवैध निर्माण से भविष्य में सुरक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे पर गहरा असर पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर अब नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी परियोजना के निर्माण की जानकारी उन्हें कैसे नहीं थी।

गौरतलब है कि गेवरा-दीपका परियोजना के तहत एसईसीएल लगातार अपने खदान क्षेत्रों और आवासीय कॉलोनियों का विस्तार कर रही है। इस विस्तार के तहत ही अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इन ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल इस मामले ने नियमों की अनदेखी और मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related posts

कांकेर में छात्र नेता ने कॉलेज छात्रा से जंगल में दुष्कर्म किया; धमकाकर कार में घसीटा, दांतों से काटा… अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई

admin

पोला उत्सव की खुशियां मातम में बदलीं: महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 9 लोगों की मौत

admin

महतारी वंदन और आवास योजना से बदली लेन बाई की जिंदगी

admin

Leave a Comment