रायपुर, 15 अक्टूबर 2025। बस्तर संभाग में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) इन दिनों अपने तानाशाही भरे रवैए के कारण सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में उनके खिलाफ लगातार आवाजें उठ रही हैं। दरअसल, शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ किए गए अपमानजनक व्यवहार ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर फैला दी है।
मामला तब और बढ़ गया जब माध्यमिक शाला मचली के शिक्षक प्रकाश नेताम को जींस पहनने के कारण न केवल अपमानित किया गया बल्कि कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। अधिकारियों ने यह कहते हुए उन्हें बाहर जाने को कहा कि “मेरे ऑफिस में जींस पैंट नहीं चलता।” यह तब है जब उसी कार्यालय में अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी जींस में ही नजर आते हैं। इस दोहरे रवैए ने शिक्षकों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने संयुक्त संचालक के व्यवहार को ‘तानाशाही’ करार देते हुए कहा कि शिक्षक वर्ग के प्रति की गई टिप्पणी अपमानजनक और अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षक वर्ग का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर सैकड़ों शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
वहीं, विभिन्न शिक्षक संगठनों ने भी एकजुट होकर विरोध का बिगुल फूंक दिया है। कोंडागांव प्रवास के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि दीपावली अवकाश तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदेश और संभाग स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण ने एक अफसर की संकीर्ण मानसिकता और तानाशाही सोच को उजागर कर दिया है। शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक वर्ग ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि वे अपने स्वाभिमान और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रकरण पर क्या कदम उठाती है।
