रायपुर: राजधानी रायपुर में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ़ रूबी तोमर को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहाँ जज ने उसकी हिरासत बढ़ाते हुए उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। केस की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को तय की गई है।
पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। बताया गया कि तोमर के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे, जिन्होंने कोर्ट परिसर में नारेबाजी की। पुलिस की सुरक्षा के बीच जब आरोपी को कोर्ट में ले जाया जा रहा था, तब मीडिया ने सवाल पूछे। इस पर वीरेंद्र तोमर ने कहा—
“मैं अपराधी नहीं हूं।”
8 नवंबर को ग्वालियर से हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने वीरेंद्र उर्फ़ रूबी तोमर को 8 नवंबर को ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद रायपुर पुलिस उसे पूछताछ के लिए रायपुर लाई। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम राज खोले।
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी में हुई घटना के बाद वीरेंद्र तोमर को करणी सेना से मदद मिली थी, जिसके बाद वह लगातार 5 महीनों तक चार राज्यों में छिपता रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि ग्वालियर में करणी सेना के एक नेता के घर पर वह कई दिनों तक रुका था और अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अपने परिवार से संपर्क करता था।
अभी भी जांच जारी, सहयोगियों की तलाश तेज
पुलिस की स्पेशल टीम अभी भी आरोपी के नेटवर्क की जांच में जुटी है। फॉरेंसिक टीम मोबाइल डेटा और संपर्क इतिहास खंगाल रही है। वही पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की फरारी में जिस–जिस ने मदद की, उन सभी पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जांच अभी जारी है।
