कोरबा जिले में नगर सैनिकों और उनके कमांडेंट ए.के. एक्का के बीच विवाद गहराता जा रहा है। नगर सैनिकों ने कमांडेंट पर लगातार ज्यादती, दबाव, दुर्व्यवहार और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। इसका असर 4 दिसंबर को होमगार्ड लाइन में आयोजित बड़े सम्मेलन में साफ दिखाई दिया, जहां सैकड़ों महिला व पुरुष नगर सैनिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
ड्यूटी स्थल पर 24 घंटे रहने के निर्देश का विरोध
नगर सैनिकों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के ड्यूटी स्थान पर 24 घंटे तक रुकने के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसा न करने पर नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जाती है। कई सैनिकों ने कहा कि उनके साथ मजदूरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं।
महिला नगर सैनिकों की परेशानी बढ़ी
महिला सैनिकों ने बताया कि हॉस्टल लौटने के बाद भी उन्हें अचानक वापस बुलाया जाता है। इससे उन्हें आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। कई महिला जवानों ने कहा कि यह प्रक्रिया सुरक्षित भी नहीं है और उनकी निजी जिम्मेदारियों पर भी असर डालती है।
रिश्वतखोरी के आरोप भी सामने आए
सम्मेलन के दौरान एक नगर सैनिक ने दावा किया कि उसने स्वयं रिश्वत देकर अपना काम कराया। उसके बयान के बाद कई अन्य सैनिकों ने भी कमांडेंट पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए। सैनिकों ने एक सुर में कहा कि कमांडेंट के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
अधिकारियों ने लिया संज्ञान, रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी
सम्मलेन में मौजूद एसडीएम देवेंद्र पटेल और संभागीय सेनानी नरसिंग नेताम ने सैनिकों की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ गंभीर मामलों को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कमांडेंट के खिलाफ मिली शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शीर्ष अधिकारियों को भेजी जा रही है और अंतिम निर्णय वही लेंगे।
