छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित वीरेंद्र सिंह तोमर मामले में करणी सेना ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए 7 दिसंबर को रायपुर में ‘क्षत्रिय स्वाभिमान, न्याय एवं नारी अस्मिता महापंचायत’ बुलाने की घोषणा की है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने कहा कि यह महापंचायत तोमर परिवार के साथ कथित अत्याचार के विरोध में आयोजित की जा रही है।
डॉ. शेखावत ने बिलासपुर में पत्रकार वार्ता में दावा किया कि तोमर की गिरफ्तारी से पहले निकाले गए जुलूस में परिवार के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान तोमर की छोटी बहू के साथ एक पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर अश्लील और अभद्र व्यवहार किया गया, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार को पीड़ित परिवार से बात करनी चाहिए
शेखावत ने बताया कि करणी सेना छत्तीसगढ़ के गांवों में जाकर लोगों को महापंचायत में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह पीड़ित परिवार से संवाद करे। शेखावत ने कहा कि यदि सरकार बातचीत कर समस्या सुलझाती है, तो आने वाले चुनावों में पूरे क्षत्रिय समाज का समर्थन सरकार को मिलेगा।
पुलिस पर गंभीर आरोप, SIT की मांग
करणी सेना अध्यक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच, SIT गठन और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।
तोमर पर लगाए आरोप सिद्ध होने पर समाज समर्थन नहीं देगा
शेखावत ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में तोमर पर लगे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो कोई भी क्षत्रिय समाज उनके साथ नहीं खड़ा होगा। उन्होंने जोड़ा कि केवल आरोप लगने से कोई दोषी नहीं माना जा सकता, न्यायपालिका के फैसले से पहले परिवार पर प्रहार गलत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के अपने दायरे से बाहर जाकर कार्रवाई की, जो स्वीकार्य नहीं है। शेखावत ने कहा कि वे गुजरात से इसलिए आए हैं ताकि भविष्य में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को पुलिसिया अत्याचार का सामना न करना पड़े।उन्होंने बताया कि तोमर परिवार की बहू ने उन्हें अपने साथ हुए दुर्व्यवहार और धमकी की पूरी जानकारी दी, और पूरा क्षत्रिय समाज परिवार के साथ खड़ा है।
