भिलाई के मैत्री बाग ज़ू में सफेद बाघिन जया की संदिग्ध परिस्थिति में मौत से हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने मौत की पुष्टि करते हुए प्राथमिक जांच में पेट में गंभीर संक्रमण की आशंका जताई है। अधिकारियों के अनुसार, जया एक दिन पहले तक पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रही थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
जया को कुछ वर्ष पहले रायपुर के नंदन वन से एक्सचेंज प्रक्रिया के तहत मैत्री बाग लाया गया था। मैत्री बाग ज़ू देश में सफेद बाघों का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। नंदन कानन से यहां पहली सफेद बाघ जोड़ी आने के बाद अब तक कुल 19 सफेद बाघों का जन्म इसी ज़ू में हो चुका है। इनमें से 13 सफेद बाघों को अब तक राजकोट, कानपुर, बोकारो, इंदौर, मुकुंदपुर और रायपुर सहित देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जा चुका है।
जया की मौत के बाद मैत्री बाग में अब 5 सफेद बाघ शेष रह गए हैं। देशभर में सफेद बाघों की संख्या लगभग 160 मानी जाती है, जिनमें अकेले 19 मैत्री बाग की देन हैं।
ज़ू प्रबंधन के अनुसार, मैत्री बाग लगभग 140 एकड़ में फैला है और 400 से अधिक वन्य प्राणियों का घर है। यहां बोटिंग, टॉय ट्रेन, म्यूज़िकल फाउंटेन सहित कई मनोरंजन सुविधाएँ मौजूद हैं। हर साल लगभग 12 लाख पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन देखभाल और संचालन का खर्च आय से कई गुना अधिक बताया जाता है। बीएसपी प्रशासन हर वर्ष लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च करता है, जबकि टिकट से केवल करीब 1.5 करोड़ रुपये की ही आय होती है।
जया की मौत के बाद ज़ू प्रशासन पर सवाल भी खड़े हो गए हैं और वन विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गया है।
