दुर्ग जिले में जननी सुरक्षा योजना और जीवनदीप समिति के सरकारी बैंक खातों से 26 लाख 6 हजार 57 रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। इस फंड का दुरुपयोग करने वाली कनिष्ठ सचिवीय सहायक (JSA) किरण भारत सागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने सरकारी राशि का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत खर्च, कर्ज चुकाने और मोटरसाइकिल खरीदने में किया।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
अक्टूबर 2023 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतई के प्रभारी डॉ. नरेंद्र मोहन ने फंड में अनियमितता की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को भेजी।
जांच समिति ने बैंक स्टेटमेंट खंगाले, जिसमें पता चला कि—
महिला ने सरकारी खातों से पैसे निकालकर अपने बैंक खाते में डाले। कुछ राशि परिचितों के खातों में भी स्थानांतरित की रकम का एक हिस्सा बाद में वापस जमा कर अनियमितता छिपाने की कोशिश की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उतई थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
आरोपी ने स्वीकार किया गबन
पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि उसने सरकारी राशि का उपयोग अपने कई कर्ज चुकाने में किया।
पुलिस के अनुसार, गबन की राशि का इस्तेमाल इस तरह किया गया—
- 4 लाख – बजाज फाइनेंस
- 5 लाख – नावी फाइनेंस
- 1 लाख – यूनिटी बैंक
- 1.40 लाख – मनी व्यू
- 60 हजार – ग्रामीण कुट बैंक
- 70 हजार – श्रीराम फाइनेंस
- 40 हजार – सिस प्राइवेट कंपनी
इसके अलावा आरोपी ने गबन के पैसों से मोटरसाइकिल खरीदी, और करीब 2 लाख 88 हजार रुपये वापस जननी सुरक्षा व जीवनदीप समिति के खाते में जमा कर अनियमितता छिपाने की कोशिश की।
कैसे दबोची गई आरोपी?
उतई थाना पुलिस ने पूरी जांच के बाद किरण भारत सागर को गिरफ्तार किया।
उसके पास से—बैंकपासबुक,चेकबुक,पैनकार्ड,मोबाइल,मोटरसाइकिल,जब्त किए गए। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी
स्वास्थ्य विभाग ने मामले से संबंधित सभी खातों की पुनः जांच के आदेश दिए हैं।पुलिस का कहना है कि यदि और कोई लेन-देन या गबन सामने आता है, तो अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
