भारत-माला सड़क परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रविवार को रायपुर और महासमुंद जिलों के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
रायपुर में हरमीत खनूजा के निवास पर ED की टीम ने दस्तावेज़ों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की, जबकि महासमुंद में कारोबारी जसबीर बग्गा के घर भी तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान जमीन अधिग्रहण से जुड़े काग़ज़ात, बैंक लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध फाइलों की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसी को संदेह है कि भारत-माला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में अनियमितताएं और धन के दुरुपयोग किए गए। आरोप है कि कुछ मामलों में वास्तविक ज़मीन मालिकों को पूरा मुआवजा नहीं मिला, जबकि बिचौलियों और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
ED इस पूरे मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल (PMLA) से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे पूछताछ, बयान दर्ज करने और संभावित कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल एजेंसी की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
