नई दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फेज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब देर रात कार्रवाई के दौरान पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जबकि इस दौरान कई पुलिसकर्मी और अधिकारी मामूली रूप से घायल हो गए।
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई, जिसमें मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश के तहत नगर निगम दिल्ली (MCD) ने 6 जनवरी की रात करीब एक बजे बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानों, पार्किंग और अन्य अस्थायी-स्थायी ढांचों को हटाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट में दायर याचिका में यह कहा गया था कि मस्जिद के बाहर करीब 0.195 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। एमसीडी का दावा है कि अतिरिक्त भूमि पर न तो मालिकाना हक और न ही वैध कब्जे के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। यह आदेश 12 नवंबर 2025 को डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर 22 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसमें रामलीला मैदान के पास लगभग 38,940 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने को कहा गया था।
कार्रवाई के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़कर हस्तक्षेप करने की कोशिश की और पुलिस-कर्मचारियों पर पथराव किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। सेंट्रल रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पूरे इलाके को 9 जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हर जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड और मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि संबंधित भूमि वक्फ संपत्ति है और इसके लिए किराया भी वक्फ बोर्ड को दिया जाता है। हालांकि प्रशासन का तर्क है कि अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्य विवाद कब्रिस्तान की भूमि को लेकर है, जिस पर अंतिम निर्णय अदालत में लंबित है।
हाईकोर्ट ने इस मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए एमसीडी, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण और वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है। सभी पक्षों को चार सप्ताह में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित है। पुलिस ने पथराव करने वालों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगालने की बात कही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।
