April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

भिलाई स्टील प्लांट में लापरवाही का आरोप: बिना सुरक्षा उपकरण काम कराते समय हादसा, ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल

दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) टाउनशिप क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक ठेका श्रमिक के साथ हुए हादसे के मामले में बीएसपी प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के श्रमिक से जोखिमभरा काम कराया गया, जिसके चलते वह ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

पीड़ित श्रमिक ललित कुमार चंद्राकर, निवासी ग्राम चंदखुरी, पिछले करीब 12 वर्षों से बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र में ठेका श्रमिक के रूप में विद्युत कार्य कर रहा है। शिकायत के अनुसार, 3 सितंबर 2025 की शाम लगभग 4 बजे ठेकेदार शंकर दयाल सिंह उसे सेक्टर-06 जगदंबा मंदिर के पास स्थित एक बिजली पोल पर काम कराने ले गया। जिस पोल पर कार्य कराया जा रहा था, वह चैनल पोल था और उसकी स्थिति खराब बताई जा रही है। पोल को क्रेन के सहारे खड़ा कर रस्सी से खींचा जा रहा था।

आरोप है कि ललित कुमार ने बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के पोल पर चढ़ने से मना किया था और हादसे की आशंका भी जताई थी। इसके बावजूद ठेकेदार और मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा यह कहकर दबाव बनाया गया कि कुछ नहीं होगा, और जबरन उसे पोल पर चढ़ा दिया गया। काम के दौरान क्रेन से पोल को टिकाकर रस्सी से खींचा जा रहा था, इसी बीच संतुलन बिगड़ने से ललित कुमार फिसल गया और करीब 15 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा।

हादसे में उसके दाहिने हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ। गंभीर हालत में पहले उसे सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल और फिर हाईटेक अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित का आरोप है कि पूरी तरह स्वस्थ न होने के बावजूद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

ललित कुमार का यह भी कहना है कि प्रबंधन और ठेकेदार ने इलाज का पूरा खर्च उठाने, मुआवजा देने और स्वस्थ होने पर काम पर वापस रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो उसे कोई मुआवजा मिला और न ही किसी प्रकार की सहायता। इलाज पर उसे अपनी जेब से करीब एक लाख रुपये खर्च करने पड़े।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीएसपी टाउनशिप के कुछ अधिकारी केस दर्ज न कराने का दबाव बना रहे थे। शिकायत करने पर पीड़ित को गाली-गलौज और धमकियां दिए जाने का भी आरोप है। घटना के समय बीएसपी प्रबंधन से जुड़े अधिकारी राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू और महिपाल देशमुख के मौके पर मौजूद होने की बात कही गई है।

मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। दुर्ग एसपी को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएसपी प्रबंधक राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू, महिपाल देशमुख और ठेकेदार शंकर दयाल सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 289 और 125(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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