दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवती गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी और समय पर ब्लड नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई। मां लगातार अस्पताल और ब्लड बैंक के सामने मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन एक यूनिट खून भी नहीं मिल पाया। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
