छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होने के बाद सरकार ने नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा कम करने का फैसला लिया है। गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में तैनात 1550 से ज्यादा जवानों और 500 से अधिक वाहनों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। इससे हर साल करीब 150 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।
विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा एक साथ नहीं हटाई जाएगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से कम की जाएगी। वहीं, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा घटाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सरकार ने फिलहाल सुरक्षा की समीक्षा के बाद कटौती की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
