कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से तीन सीधा सवाल करते हुए कहा कि भारत की साख वैश्विक मंच पर कमजोर हो चुकी है। उन्होंने पूछा कि पाकिस्तान की आलोचना में भारत के साथ एक भी देश क्यों नहीं खड़ा हुआ?
राहुल गांधी का बयान ऐसे वक्त आया है जब भारत ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ प्रस्ताव पेश किए, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
राहुल गांधी के तीन सवाल:
1. विदेश नीति कहां है? राहुल ने पूछा कि क्या भारत की विदेश नीति अब केवल भाषणों और इवेंट्स तक सिमट गई है?
2. पाकिस्तान पर निंदा प्रस्ताव में अकेलापन क्यों? उन्होंने सवाल किया कि जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव लाया, तो कोई भी बड़ा देश क्यों साथ नहीं आया?
3. भारत की वैश्विक साख पर संकट क्यों? राहुल ने दावा किया कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावहीन हो चुका है, और यह सरकार की विदेश नीति की विफलता है।
जयशंकर पर सीधा निशाना:
राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ़ घरेलू राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि दुनिया में भारत की आवाज़ कमजोर हो रही है।”
सत्तापक्ष का पलटवार:
भाजपा नेताओं ने राहुल के बयान को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ और ‘राष्ट्रहित के खिलाफ’ बताया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
