April 17, 2026
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चिनाब पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल, कश्मीर को दिल्ली से जोड़ेगा सीधा रास्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन किया। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है, जो कश्मीर को दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से रेल मार्ग से जोड़ेगा। 1.3 किमी लंबे इस पुल के निर्माण में 28,660 टन स्टील का उपयोग हुआ, जो 10 सामान्य रेलवे पुलों के बराबर है। 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पुल पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। इसके साथ ही, PM ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो यात्रा समय को 6-7 घंटे से घटाकर 3-3.5 घंटे कर देगी।

पुल की विशेषताएं:

ऊंचाई और लंबाई:

चिनाब रेलवे ब्रिज 359 मीटर की ऊंचाई पर चिनाब नदी के तल से बना है, जो इसे विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज बनाता है। इसकी कुल लंबाई 1,315 मीटर है, जिसमें 467 मीटर लंबा मुख्य स्टील आर्च शामिल है। निर्माण सामग्री: 28,660 टन स्टील और कंक्रीट का उपयोग हुआ, जो 10 सामान्य पुलों के बराबर है। विशेष पॉलीसिलॉक्सेन पेंट का उपयोग किया गया, जो 15 साल तक टिकाऊ रहेगा।

डिज़ाइन और स्थायित्व:

यह पुल रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता के भूकंप और 266 किमी/घंटा की हवाओं को झेल सकता है। इसे 40 टन TNT विस्फोट को सहने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है। लागत: 1,486 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है।

निर्माण की चुनौतियां:

रियासी का भूकंपीय जोन-V और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां निर्माण में बड़ी बाधाएं थीं।2003 में शुरू हुई परियोजना को 2008 में सुरक्षा चिंताओं के कारण रोका गया, लेकिन 2010 में फिर शुरू हुआ और 2022 में 90% कार्य पूरा हुआ। दो विशाल केबल क्रेन की मदद से तीन साल में मुख्य आर्च पूरा हुआ।

रणनीतिक और आर्थिक महत्व:

यह पुल कश्मीर को दिल्ली से सीधे जोड़ेगा, जिससे यात्रा समय 13 घंटे से घटकर 6-7 घंटे और वंदे भारत ट्रेन से 3-3.5 घंटे हो जाएगा। पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय उत्पादों के निर्यात और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सैन्य दृष्टिकोण से, यह सेना को हथियार, टैंक और रसद तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे सीमा क्षेत्रों में भारत की सामरिक स्थिति मजबूत होगी।

PM मोदी का उद्घाटन:

PM मोदी ने तिरंगा लहराकर और पुल पर चहलकदमी कर उद्घाटन किया, जो भारत की एकता और ताकत का संदेश देता है। उन्होंने कटरा में वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और अंजी खड्ड ब्रिज (भारत का पहला केबल-आधारित रेलवे ब्रिज) का भी उद्घाटन किया। PM ने कहा, “चिनाब और अंजी ब्रिज जम्मू-कश्मीर की समृद्धि के द्वार खोलेंगे।”

परियोजना का इतिहास:

USBRL परियोजना को 1995 में मंजूरी मिली और 2002 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया। कुल लागत 41,000 करोड़ रुपये से अधिक, जिसमें चिनाब ब्रिज पर 1,486 करोड़ रुपये खर्च हुए।

क्या है खास?

यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि कश्मीर को भारत से जोड़ने का प्रतीक है।पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह उद्घाटन भारत की विकास के प्रति प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती का संदेश देता है। वंदे भारत ट्रेन में सिलिकॉन हीटिंग पैड और ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर जैसे फीचर्स हैं, जो कश्मीर की ठंडी जलवायु में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे।

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