July 23, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

“रायपुर में गूंजा लोकतंत्र का संदेश: आपातकाल की बरसी पर बोले सीएम साय- संविधान की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य”

25 जून 1975 को भारत में लागू किया गया आपातकाल सिर्फ एक सरकारी निर्णय नहीं था, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा प्रहार था। इसी दिन को याद करते हुए रायपुर में “संविधान हत्या दिवस” मनाया गया, जिसमें लोकतंत्र के महत्व और उसकी रक्षा को लेकर जागरूकता फैलाई गई।

मुख्य कार्यक्रम और मुख्यमंत्री का बयान:

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाग लिया और भावुक अंदाज़ में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा,

“आपातकाल का दौर आज भी याद आता है तो आत्मा कांप जाती है। मेरे परिवार ने भी उस समय की तानाशाही को झेला है। ये लोकतंत्र के गले पर लगाया गया ताला था।”

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान की रक्षा के लिए सदैव सजग रहें।

जनजागरूकता और संकल्प:

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और नागरिकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रेस की आज़ादी, अभिव्यक्ति का अधिकार और संविधान का सम्मान ही लोकतंत्र की असली पहचान है। सभी ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में फिर कभी ऐसी स्थिति न बनने दी जाएगी।

 

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