मानसून सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। जिसमें 14 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में किसानों के हित में बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है, जिसमें धान खरीदी, बोनस, और कृषक उन्नति योजना के विस्तार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
किसानों के लिए सौगात की उम्मीद:
कैबिनेट की इस बैठक में किसानों को राहत देने वाले फैसलों पर विशेष ध्यान होगा। हाल ही में 30 जून की कैबिनेट बैठक में कृषक उन्नति योजना को धान के अलावा मक्का, तिलहन, और दलहन उगाने वाले किसानों तक विस्तारित करने का फैसला लिया गया था। इस बार भी धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी और अंतर राशि के भुगतान जैसे मुद्दों पर निर्णय हो सकता है। इसके अलावा, फरवरी 2025 में 27 लाख किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि देने का वादा पहले ही किया जा चुका है।
विधेयकों पर होगी गहन चर्चा:
मानसून सत्र में पेश होने वाले विधेयकों के मसौदे पर भी कैबिनेट में मंथन होगा। हाल की बैठक में छत्तीसगढ़ पेंशन फंड और ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन संबंधी विधेयकों को मंजूरी दी गई थी। इस बार भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक और अन्य संशोधन विधेयकों पर भी विचार हो सकता है। ये विधेयक राज्य की आर्थिक स्थिरता और कर्मचारियों के कल्याण को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
हंगामेदार सत्र की संभावना:
14 जुलाई से शुरू होने वाला मानसून सत्र काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। विधायकों ने सत्र के लिए करीब 996 सवाल तैयार किए हैं, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सवाल शामिल हैं। विपक्ष सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को सामने रखने की रणनीति बना रहा है। सीएम साय ने दावा किया है कि उनकी सरकार सत्र के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्या है खास:
किसान कल्याण: धान के साथ-साथ अन्य फसलों के लिए प्रोत्साहन राशि पर फैसला संभव।
आर्थिक स्थिरता: ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड जैसे विधेयक सत्र में चर्चा के लिए तैयार।
विपक्ष का रुख: सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने बनाई रणनीति, सत्ता पक्ष भी जवाब के लिए तैयार।
