24.5 C
Raipur
September 10, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

35 करोड़ की गड्ढे वाली सड़क अब बनेगी फोरलेन: मोपका बाईपास पर गड्ढों का कहर, डेढ़ फीट गहरे गड्ढे ट्रकों को फंसा रहे

बिलासपुर: बिलासपुर के मोपका बाईपास की बदहाल सड़क, जो कभी 35.88 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी, अब फोरलेन में तब्दील होने जा रही है। 2016 में बनी यह 14 किलोमीटर लंबी सड़क मोपका से सेंड्री तक रत्नापुर हाईवे को जोड़ती है, लेकिन अब इस पर 2,000 से ज्यादा गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें से करीब 100 बेहद खतरनाक हैं। डेढ़ फीट तक गहरे इन गड्ढों में ट्रक फंस रहे हैं, और कार-बाइक का चलना पूरी तरह बंद हो चुका है। जनता के आक्रोश और मीडिया की खबरों के बाद सरकार हरकत में आई है। अब इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 63.13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा गया है।

क्या है समस्या?

गड्ढों का आतंक: सड़क पर 2,000 से ज्यादा गड्ढे, जिनमें से 100 गड्ढे इतने गहरे हैं कि ट्रक फंस जाते हैं।

यातायात ठप: कार और बाइक चालकों ने इस रास्ते का उपयोग बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

हादसों का खतरा: गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

सरकार का कदम:

फोरलेन का प्रस्ताव: सड़क को फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए 63.13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार।

मंत्रालय को भेजा गया: प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा गया है।

निर्माण की उम्मीद: मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी खराब हालत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक स्थानीय व्यापारी रमेश साहू ने कहा, “ट्रकों के फंसने से माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फोरलेन बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।”

क्या होगा फायदा?

बेहतर कनेक्टिविटी: फोरलेन सड़क बनने से बिलासपुर से रत्नापुर हाईवे तक का सफर आसान और सुरक्षित होगा।

आर्थिक विकास: सड़क की बेहतर स्थिति से व्यापार और परिवहन में तेजी आएगी।

हादसों में कमी: गड्ढों के कारण होने वाले हादसों पर अंकुश लगेगा।

2016 में इस सड़क के निर्माण के लिए 35.88 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह जल्द ही खराब हो गई। अब सरकार का दावा है कि फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत सड़क को न केवल मजबूत बनाया जाएगा, बल्कि भविष्य में इसकी देखभाल के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Related posts

HEMU में कुलपति पर आरोपों की जांच तेज, हाई लेवल समिति पहुंची विश्वविद्यालय

admin

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 21 आबकारी अधिकारियों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

admin

खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, फिर भी छत्तीसगढ़ देश में 5वें पायदान पर; 8 महीनों में 294 नोटिस, 13 लाइसेंस रद्द

admin

Leave a Comment