बिलासपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बिलासपुर जोन की 1052 LHB (लिंके हॉफमैन बुश) कोच वाली ट्रेनों में अत्याधुनिक CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस पहल का मकसद रेल यात्रा को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। पहले चरण में AC कोच में कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके बाद स्लीपर कोच में भी यह सुविधा शुरू होगी।
यात्रियों की निजता का रखा जाएगा ध्यान
रेलवे ने साफ किया है कि कैमरे कोच के प्रवेश द्वारों और सामान्य आवागमन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों की निजता पर कोई आंच न आए। ये कैमरे कम रोशनी में भी उच्च गुणवत्ता वाली फुटेज रिकॉर्ड करने में सक्षम होंगे, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केवल STQC-प्रमाणित हाई-टेक कैमरे ही इस्तेमाल किए जाएं, जो 100 किमी/घंटा से अधिक गति पर भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर सकें।
AI से होगी स्मार्ट निगरानी
‘इंडिया AI’ मिशन के तहत इन कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए किया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान हो सकेगी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। रेलवे का कहना है कि यह तकनीक न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि यात्रियों को मानसिक सुकून भी देगी कि उनका सफर सुरक्षित है।
प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सुरक्षित और स्मार्ट रेलवे’ विजन का हिस्सा है। बिलासपुर जोन की इस पहल को रेलवे बोर्ड ने पूरे देश में लागू होने वाली योजना का हिस्सा बताया है, जिसमें 74,000 कोच और 15,000 लोकोमोटिव में CCTV लगाए जाएंगे। बिलासपुर जोन में यह काम तेजी से शुरू हो चुका है, जिससे यात्रियों को जल्द ही सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रियों ने इस कदम का स्वागत किया है। बिलासपुर के यात्री राकेश साहू ने कहा, “CCTV से निश्चित रूप से सुरक्षा बढ़ेगी, खासकर रात के सफर में।” वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल यात्रियों के भरोसे को और मजबूत करेगी।
रेलवे जल्द ही अन्य जोनों में भी इस तकनीक को लागू करने की योजना बना रहा है। बिलासपुर जोन की यह पहल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
