झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन में गहरे दबाकर रखी गई नकदी बरामद की। यह रकम 34 लाख 99 हजार रुपये थी, जो पूरी तरह सुरक्षित ढंग से प्लास्टिक और डिब्बों में पैक करके मिट्टी के नीचे छिपाई गई थी।
जानकारी के अनुसार, यह राशि भाकपा माओवादी संगठन द्वारा क्षेत्र में व्यवसायियों और ग्रामीणों से अवैध लेवी के रूप में वसूली गई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस धन का उपयोग नक्सली अपने नेटवर्क को संचालित करने, हथियार खरीदने और जंगलों में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए करने वाले थे।
इस कार्रवाई के पीछे एक गुप्त सूचना थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संयुक्त बलों ने जंगल क्षेत्र में खुदाई की। खुदाई के दौरान जब मिट्टी के नीचे से पैक की गई बड़ी मात्रा में नकदी निकली, तो यह साफ हो गया कि नक्सलियों ने इसे रणनीतिक रूप से छिपा रखा था।
इस जब्ती को नक्सलियों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि नक्सली फंडिंग और उनकी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। इस सफलता ने सुरक्षा बलों का मनोबल भी बढ़ाया है और क्षेत्र के लोगों में विश्वास पैदा किया है कि अब नक्सलवाद की जड़ें धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं।
