प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 27 जुलाई को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 124वें संस्करण में देशवासियों से संवाद करते हुए भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत न केवल विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भरता में प्रगति कर रहा है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरें भी विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
इस विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने यूनेस्को द्वारा हाल ही में 12 मराठा किलों को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने का उल्लेख किया। इनमें से 11 किले महाराष्ट्र में और एक तमिलनाडु में स्थित है। इनमें सलेहर, शिंवगढ़, प्रतापगढ़ और विजयदुर्ग जैसे किले शामिल हैं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और रणनीतिक कौशल के प्रतीक माने जाते हैं। पीएम मोदी ने इन किलों से जुड़ी कहानियों को देश की नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान के प्रसिद्ध किलों – रणथंभौर, जैसलमेर और कुंभलगढ़ – के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कालिंजर किले का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये किले न केवल वास्तुशिल्प की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये देश की आत्मा, साहस और सम्मान के प्रतीक भी हैं।
पीएम मोदी ने देशवासियों से अनुरोध किया कि वे इन ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करें और अपने बच्चों को भी इतिहास से जोड़ें। उन्होंने कहा कि हमारी धरोहरें केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि वो जीवित कहानियां हैं जो हमारी संस्कृति और पहचान को जीवित रखती हैं।
अंत में प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि हर भारतीय को अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर गर्व होना चाहिए और इन धरोहरों को संरक्षित रखने के लिए सक्रिय योगदान देना चाहिए।
