September 7, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

अतिथि शिक्षकों की अनदेखी से नाराज़गी, कुशाभाऊ विश्वविद्यालय में भर्ती को लेकर बवाल

शिक्षा संस्थानों में पारदर्शी और नियमबद्ध भर्ती प्रणाली का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। परंतु रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में हाल ही में अतिथि शिक्षकों की भर्ती को लेकर उठे विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की शुरुआत:

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए विज्ञापन में उच्च शिक्षा विभाग के निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई, जिससे पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षक नाराज़ हो गए। इन शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की उपेक्षा करते हुए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिक्षकों की पहल:

सोमवार को अतिथि शिक्षकों ने कुलपति से मुलाकात कर 6 सूत्रीय मांगें रखीं। उनका कहना है कि उन्हें अनुभव के आधार पर वरीयता मिलनी चाहिए। लगभग 16-17 अतिथि शिक्षकों ने उच्च शिक्षा विभाग और राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्षता की मांग की गई।

न्याय की मांग:

शिक्षकों के अनुसार, वे पिछले 9 वर्षों से विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं, लेकिन नए विज्ञापन में उनके अनुभव को नजरअंदाज कर दिया गया। यह न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन भी है। अतिथि शिक्षक चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया को रोका जाए और नियमों के अनुरूप संशोधित किया जाए

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