छत्तीसगढ़ सरकार ने निराश्रित और घूमंतु गोवंश की देखभाल और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाते हुए गौधाम योजना को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य सड़कों और गांवों में भटकते गोवंश को सुरक्षित स्थान और उचित देखरेख उपलब्ध कराना है। इसके तहत राज्य भर में चरवाहों और गौसेवकों की भर्ती की जाएगी, जिन्हें सरकार द्वारा नियमित मानदेय प्रदान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत नियुक्त होने वाले इन कर्मियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दर के अनुसार मानदेय मिलेगा। इस कदम से न केवल गोवंश को बेहतर संरक्षण मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत नस्ल सुधार के प्रयासों को भी गति दी जाएगी, जिससे गोवंश की उत्पादकता और स्वास्थ्य में सुधार होगा।
यह पहल छत्तीसगढ़ में पशुपालन और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो परंपरागत गौसेवा की भावना को आधुनिक प्रबंधन और सरकारी सहयोग के साथ जोड़ती है।
