सेक्स परीक्षण की सलाह का दूसरा भाग सामने आकर ही मच गया। जैसे ही खबर प्रसारित हुई, मुख्य महिला नामांकन अपना-अपना नामांकन आरक्षित हो गया। लड़की होने से पहले उसने कैमरे पर जो कहा, वह लैपटॉप वाला था- “हर गली में यह धंधा चल रहा है। मैं तो बस एक छोटी सी मछली पकड़ता हूं, असली नेटवर्क तो बहुत बड़ा है। बाहर से लड़कियां बेचती हैं।”
पुलिस के दस्तावेज़ के अनुसार, यह एक सुयोजना जाल की तरह फैला हुआ है। मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन संपर्क किया जाता है, फिर लड़कियों को होटल, किराए के फ्लैट और यहां तक कि रिहायशी बोर्ड तक पहुंचाया जाता है।
महिला दस्तावेज के बयान में साफ किया गया है कि यह मामला सिर्फ देह व्यापार का नहीं, बल्कि एक बड़े गिरोह के संचालन का हिस्सा है। अब पुलिस बड़ी माफियाओं की तलाश में कई स्कूटरों में सामान कर रही है।
